उज्जैन। उज्जैन की बेटी हेमलता सूर्यवंशी के लिए इस बार 15 अगस्त बेहद खास होने वाला है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष ‘एट होम रिसेप्शन’ में हेमलता को शामिल होने का निमंत्रण मिला है। यह सिर्फ हेमलता के लिए ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार और उज्जैन के लिए भी गर्व का पल है।
हेमलता युवा आपदा मित्र के रूप में प्रशासन के साथ अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने 10 मार्च 2026 को युवा आपदा मित्र के तौर पर काम शुरू किया था। इसके बाद जब भी उन्हें ड्यूटी का मौका मिला, उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ अपनी भूमिका निभाई।
लेकिन हेमलता को राष्ट्रपति भवन से यह खास निमंत्रण आखिर क्यों मिला, इसकी वजह भी बेहद खास है।
दरअसल, पंचकोशी यात्रा के दौरान हेमलता की ड्यूटी उज्जैन के रामघाट पर लगाई गई थी। इसी दौरान एक 14 वर्षीय बालिका का अचानक पैर फिसल गया और वह नदी के पानी में जाने लगी।
बालिका को डूबता देखकर हेमलता ने एक पल भी गंवाए बिना लाइफ जैकेट की मदद से उसे बचाने के लिए कदम उठाया। उनकी तत्परता और साहस की वजह से उस बच्ची की जान बच गई और एक परिवार की बेटी सुरक्षित अपने घर लौट सकी।
हेमलता के इसी साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति भवन में होने वाले ‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए आमंत्रित किया गया है।
निमंत्रण मिलने की खबर जैसे ही परिवार को मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार और परिचित लगातार हेमलता को बधाई दे रहे हैं।
हेमलता का कहना है कि राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण मिलने की जानकारी उनके लिए बेहद गर्व और खुशी का पल था। लोगों की मदद करने के लिए किए गए उनके प्रयास को इतना बड़ा सम्मान मिलेगा, उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी।
हेमलता ने बीएससी कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी की है और फिलहाल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। इससे पहले वह एक निजी बैंक में भी नौकरी कर चुकी हैं। अब युवा आपदा मित्र के रूप में वह जरूरत पड़ने पर प्रशासन के साथ खड़ी होकर लोगों की मदद करती हैं।
बेटी की इस उपलब्धि से हेमलता की मां भी बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि बेटी ने परिवार का नाम रोशन किया है और राष्ट्रपति भवन से मिला यह निमंत्रण पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का पल है।
बताया गया है कि इस विशेष कार्यक्रम के लिए देश के पांच राज्यों से पांच युवतियों का चयन किया गया है। मध्य प्रदेश से यह अवसर उज्जैन की हेमलता सूर्यवंशी को मिला है।
15 अगस्त के मौके पर राष्ट्रपति भवन से मिला यह निमंत्रण हेमलता के लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं है। यह उस साहस, तत्परता और मानवता की पहचान है, जिसकी वजह से पंचकोशी यात्रा के दौरान एक 14 वर्षीय बच्ची की जिंदगी बच सकी।
उज्जैन की हेमलता की यह कहानी बताती है कि किसी की मदद के लिए उठाया गया एक छोटा सा साहसिक कदम भी कभी-कभी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान बन जाता है।

