शहडोल। शहडोल के बकहो नगर परिषद क्षेत्र में एक सड़क को लेकर भाजपा के ही नेताओं के बीच मतभेद सामने आ गया है। मामला NH-43 के एक मीडियन कट से जुड़ा है। भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा ने NHAI को पत्र लिखकर इस मीडियन कट को बंद कराने या सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है, जबकि स्थानीय भाजपा नेता और वार्ड नंबर 14 के पार्षद पति सरोज यादव ने इसका विरोध किया है। अब सड़क का यह मामला स्थानीय सुविधा से निकलकर राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।
जिलाध्यक्ष ने हादसों का हवाला देकर उठाई मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा ने 7 अगस्त 2026 को NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, रीवा को पत्र भेजा। इसमें NH-43 के चैनेज नंबर 165 और 166 के बीच बने मीडियन कट को लेकर चिंता जताई गई है। यह कट ओरिएंट पेपर मिल, अमलाई और बकहो क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क से जुड़ा हुआ है।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि इस स्थान पर तेज रफ्तार वाहनों और छोटे वाहनों के बीच टक्कर की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनती है। इसी वजह से उन्होंने NHAI से इस कट को बंद करने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का आग्रह किया है।
भाजपा नेता सरोज यादव ने जताया विरोध
लेकिन जिलाध्यक्ष की इस मांग का भाजपा अंत्योदय समिति के सदस्य और वार्ड नंबर 14 के पार्षद पति सरोज यादव ने विरोध किया है। सरोज यादव का कहना है कि जिस रास्ते को बंद कराने की बात कही जा रही है, वह करीब 50 वर्षों से अस्तित्व में है और लंबे समय से स्थानीय लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है।
उनका दावा है कि अगर इस रास्ते को बंद कर दिया गया तो आसपास के लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
व्यक्तिगत विवाद को लेकर भी लगाए आरोप
सरोज यादव ने आरोप लगाया कि मीडियन कट को बंद कराने की मांग सिर्फ सड़क सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुराना व्यक्तिगत विवाद भी हो सकता है। उनका दावा है कि वाटर पार्क के लिए बिछाई जा रही 33 केवी बिजली लाइन को निजी जमीन से हटाकर नेशनल हाईवे के बीच से ले जाने का उन्होंने और कुछ अन्य लोगों ने विरोध किया था।
सरोज यादव का आरोप है कि इसी पुराने विवाद के चलते अब इस रास्ते को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है।
एक तरफ सड़क सुरक्षा, दूसरी तरफ 50 साल पुराना रास्ता
अब स्थिति यह है कि एक तरफ हादसों और ट्रैफिक जाम को देखते हुए मीडियन कट को हटाने या शिफ्ट करने की मांग की जा रही है, तो दूसरी तरफ स्थानीय नेता इसे वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते से जोड़कर देख रहे हैं।
यानी विवाद के केंद्र में एक तरफ सड़क सुरक्षा है और दूसरी तरफ दशकों से इस्तेमाल हो रहा स्थानीय रास्ता। ऐसे में NHAI के सामने भी यह तय करने की चुनौती होगी कि लोगों की सुविधा और सड़क सुरक्षा, दोनों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
जिलाध्यक्ष ने दी सफाई
वहीं इस पूरे विवाद पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य सड़क को पूरी तरह बंद करना नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने NHAI से सिर्फ इतना आग्रह किया है कि तिराहे पर बने इस दुर्घटना संभावित स्थान वाले कट को थोड़ा आगे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
उनके मुताबिक, इससे लोगों को सुरक्षित रास्ता और कट मिल सकेगा और दुर्घटनाओं पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
अब देखना होगा कि NHAI इस मामले में क्या फैसला लेता है। क्या करीब 50 साल पुराने रास्ते को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी, या मीडियन कट को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। फिलहाल शहडोल में सड़क का यह विवाद भाजपा के भीतर मतभेद और स्थानीय राजनीति, दोनों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

