भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 9 अगस्त को देशभक्ति का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बारिश की बूंदें लगातार गिर रही थीं, हाथों में तिरंगा लहरा रहा था और युवाओं के अंदर देशभक्ति का जोश दिखाई दे रहा था। इसी माहौल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की और इसके बाद खुद बुलेट पर सवार होकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने निकल पड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले भोपाल स्थित अपने निवास पर तिरंगा फहराया। इसके बाद वे अपनी सुरक्षा में तैनात जवानों और निवास के स्टाफ के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री खुद बुलेट पर सवार होकर अपने निवास से टीटी नगर स्टेडियम की ओर रवाना हुए। रास्ते में बारिश शुरू हो गई, लेकिन मुख्यमंत्री का उत्साह कम नहीं हुआ।
बारिश के बीच भी नहीं रुका तिरंगा यात्रा का जोश
बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तिरंगा यात्रा में लगातार आगे बढ़ते रहे। टीटी नगर स्टेडियम पहुंचने के बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यहां मुख्यमंत्री ने छात्रों, युवाओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री का एक सहज और अलग अंदाज भी देखने को मिला। रास्ते में जब उनकी नजर बच्चों पर पड़ी तो वे रुक गए। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें तिरंगा भी भेंट किया।
बच्चों ने कहा- हमें बारिश में भीगना पसंद है
बारिश के बीच बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि बारिश हो रही है, आप सब भीग जाओगे। इस पर बच्चों ने उत्साह के साथ जवाब दिया कि उन्हें बारिश में भीगना पसंद है। बच्चों का यह जोश देखकर मुख्यमंत्री भी उनके साथ पैदल चल पड़े।
बारिश की बूंदों के बीच मुख्यमंत्री और बच्चों का इस तरह साथ चलना तिरंगा यात्रा का खास और यादगार पल बन गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग हटकर लोगों के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद किया।
युवाओं के बीच चर्चा में आया CM का अंदाज
बुलेट पर सवार मुख्यमंत्री, बारिश के बीच तिरंगा यात्रा और फिर बच्चों के साथ पैदल चलने का उनका अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इस पूरे दृश्य ने यह संदेश भी दिया कि देशभक्ति केवल मंच से भाषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अपने व्यवहार और भागीदारी से भी दिखाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से हर घर तिरंगा अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।
तिरंगा हमारे गौरव और एकता की पहचान
मुख्यमंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उनका संदेश रहा कि जब युवा अपने कर्तव्यों और देश के प्रति समर्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, तभी भारत और मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री निवास से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा बारिश के बीच आगे बढ़ती हुई टीटी नगर स्टेडियम पहुंची। भोपाल की सड़कों पर दिखाई दिया यह नजारा एक खास संदेश छोड़ गया कि देशभक्ति किसी औपचारिक कार्यक्रम की मोहताज नहीं होती। दिल में देश के लिए जज्बा हो तो बारिश भी कदम नहीं रोक सकती, प्रोटोकॉल भी पीछे छूट सकता है और नेतृत्व जनता के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकता है।

