नागपंचमी पर महाकाल-नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए बदले रास्ते, 17 अगस्त को उमड़ेगा भक्तों का सैलाब, एक ही दिन तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी

उज्जैन। उज्जैन में इस बार 17 अगस्त का दिन बेहद खास होने वाला है। नागपंचमी, श्रावण मास का तीसरा सोमवार और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी एक ही दिन होने के कारण महाकाल की नगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने दर्शन और आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।

नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया गया है। सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए कर्कराज पार्किंग से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। यहां से श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार नंबर 4 से अंदर जाएंगे।

इसके बाद श्रद्धालु विश्रामधाम पहुंचकर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद प्रीपेड बूथ के रास्ते बाहर निकलते हुए 24 खंबा मार्ग से वापसी की व्यवस्था रहेगी।

वहीं शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरसिद्धि पाल की ओर से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से प्रवेश द्वार नंबर 5 के जरिए नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और दर्शन के बाद 24 खंबा मार्ग से बाहर निकलेंगे।

महाकालेश्वर मंदिर में सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए केवल त्रिवेणी द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालु त्रिवेणी द्वार से प्रवेश कर निर्धारित दर्शन मार्ग से बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे।

शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। मंदिर प्रशासन ने दोनों मंदिरों के दर्शन मार्ग को अलग रखा है, ताकि नागपंचमी पर उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि नागपंचमी को लेकर अधिकारियों के साथ पूरे दर्शन मार्ग का निरीक्षण किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

वहीं 17 अगस्त को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी भी निकलेगी। सवारी से जुड़ी व्यवस्थाएं यथावत रहेंगी। यानी एक ही दिन नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन, श्रावण सोमवार की आस्था और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी के चलते उज्जैन में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है।

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