15 अगस्त पर स्कूल में बांटे गए लड्डू बने ‘जहर’! खाते ही 3 मासूमों की बिगड़ी हालत, जिला अस्पताल में भर्ती

भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले से स्वतंत्रता दिवस समारोह के बीच बच्चों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। अटेर ब्लॉक के मल्लपुरा गांव स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बांटे गए लड्डू और पूड़ी-सब्जी खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भिंड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

खाना खाने के बाद बच्चों की बिगड़ी तबीयत

बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में स्व-सहायता समूह की ओर से बच्चों के लिए पूड़ी-सब्जी और लड्डू तैयार किए गए थे। भोजन करने के कुछ समय बाद ही कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने लगी।

कक्षा पहली में पढ़ने वाले एक बच्चे और उसके छोटे भाई को उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत हुई। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल दोनों बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

वहीं एक अन्य बच्ची के शरीर पर लड्डू खाने के बाद लाल चकत्ते और इंफेक्शन जैसे लक्षण दिखाई देने की बात सामने आई। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

लड्डू की गुणवत्ता पर उठे सवाल

घटना के दौरान कुछ बच्चों द्वारा लड्डू की गुणवत्ता खराब होने की बात कहकर उन्हें पत्तल से नीचे फेंकने की जानकारी भी सामने आई है। इसी बात को लेकर स्कूल में भोजन तैयार करने वाले समूह के कर्मचारियों और बच्चों के परिजनों के बीच तीखी बहस हो गई।

परिजनों ने स्कूल में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता और उसकी जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बच्चों को भोजन देने से पहले उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

अब जांच के बाद साफ होगी असली वजह

फिलहाल बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह वास्तव में दूषित भोजन था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

घटना के बाद बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। अब सवाल यह है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे कार्यक्रम में बच्चों को परोसे गए भोजन की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी और अगर भोजन में कोई कमी थी तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

परिजन और स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बच्चों को दिए गए भोजन की गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *