जबलपुर। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बरगी बांध पर साफ दिखाई दे रहा है। मंडला और डिंडोरी समेत कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के चलते जबलपुर का बरगी बांध लगभग पूरी क्षमता तक भर चुका है। पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए बांध के 13 गेट खोल दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक बरगी बांध के 13 गेट करीब 1.96 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं और इन गेटों से करीब 3 हजार 802 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।
बांध का मौजूदा जलस्तर 422.35 मीटर पहुंच गया है, जबकि इसकी पूर्ण जलभराव क्षमता 422.76 मीटर है। यानी बांध अपनी अधिकतम क्षमता के बेहद करीब पहुंच चुका है। फिलहाल बांध करीब 97.18 प्रतिशत भर चुका है और कैचमेंट एरिया से लगातार करीब 4 हजार 215 क्यूमेक पानी की आवक बनी हुई है।
बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के निचले और तटीय इलाकों में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि नर्मदा के अलग-अलग घाटों पर पानी का स्तर करीब 7 से 8 फीट तक बढ़ सकता है।
जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। नर्मदा किनारे रहने वाले लोगों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों से घाटों और नदी के तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
वहीं निचले इलाकों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
फिलहाल लगातार बारिश, बांध में भारी आवक और 13 गेटों से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा के आसपास के इलाकों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। ऐसे में लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे नदी और घाटों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम न लें और प्रशासन की अपील का पालन करें।

