ग्वालियर। मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद आबकारी विभाग पूरे प्रदेश में अलर्ट मोड पर है। इसी अभियान के तहत ग्वालियर में आबकारी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे स्थित एक ढाबे पर छापेमारी की। टीम ने यहां करीब 2300 लीटर स्प्रिट यानी इथेनॉल और बड़ी मात्रा में अवैध देशी-विदेशी शराब बरामद करने का दावा किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने महाकाल पंडित ढाबे पर दबिश दी। तलाशी के दौरान 12 प्लास्टिक ड्रमों में छिपाकर रखा गया करीब 2300 लीटर स्प्रिट बरामद हुआ। आबकारी अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह स्प्रिट मानव सेवन के लिए असुरक्षित पाया गया है।
कार्रवाई के दौरान मोहना निवासी अनिल शर्मा, श्योपुर निवासी सौरभ गुर्जर और मोहना निवासी अरवाज खान को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि अगर बरामद स्प्रिट का इस्तेमाल शराब बनाने में किया जाता, तो इससे करीब 32 लाख रुपये कीमत की अमानक शराब तैयार की जा सकती थी। हालांकि, इसका वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
छापेमारी के दौरान मौके से पेट्रोल और थिनर भी बरामद होने की बात सामने आई है। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि बरामद स्प्रिट का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलावट के लिए भी किया जा सकता था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल जब्त सामग्री को आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सागर शराबकांड के बाद प्रदेशभर में चल रहे इस विशेष अभियान के बीच ग्वालियर की कार्रवाई ने अवैध शराब और संदिग्ध स्प्रिट के नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

