नर्मदापुरम। सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पूरे मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग चेकिंग अभियान चला रहा है, लेकिन इसी बीच नर्मदापुरम से अवैध शराब और जुए के कारोबार को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। गुराड़िया जाट गांव में कथित तौर पर खुलेआम चल रहे शराब और जुए के अड्डों से परेशान आदिवासी समाज की दर्जनों महिलाएं पिकअप वाहन में सवार होकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचीं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण रितेश राठौर का आरोप है कि गांव के मिडिल और हाई स्कूल के बीच ही अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है। ग्रामीणों ने रानी बाई जाट, सुखराम पाटिल और सुरेश ठाकुर समेत कुछ लोगों पर अवैध कारोबार चलाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे शिवपुर थाने में शिकायत लेकर पहुंचे, तो वहां मौजूद एक ASI ने कथित तौर पर ऐसा रवैया अपनाया, जिससे ग्रामीणों में और ज्यादा नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें कहा गया कि शराब की बिक्री बंद नहीं होगी।
जनसुनवाई में पहुंची विमला धुर्वे समेत अन्य महिलाओं ने गांव की स्थिति को लेकर अपना दर्द सामने रखा। महिलाओं का आरोप है कि अवैध शराब और जुए के अड्डों ने गांव का माहौल खराब कर दिया है। 14 से 18 साल तक के नाबालिग बच्चे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि दिनभर मजदूरी करने के बाद जब वे घर लौटती हैं, तो उनके पति शराब खरीदने के लिए जबरन पैसे छीन लेते हैं और विरोध करने पर मारपीट तक करते हैं। शराब के नशे में गलियों में होने वाले हुड़दंग, गाली-गलौज और विवादों के कारण महिलाओं और बेटियों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
अब महिलाओं ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर गांव में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए कूच करेंगी।
फिलहाल ग्रामीणों के इन आरोपों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि स्कूलों के आसपास कथित तौर पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर जिला प्रशासन कब और क्या कार्रवाई करता है।

