MP राज्यसभा चुनाव पर्चा निरस्त मामला: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई

जबलपुर। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान नामांकन पर्चा गलत तरीके से खारिज किए जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की ओर से दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आदेश जारी किए हैं।

मामले में याचिका के तहत बनाए गए तीन उम्मीदवारों में से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने नोटिस मिलने से इनकार कर दिया, जबकि तीसरे उम्मीदवार महेश केवट ने नोटिस लेने से साफ मना कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को दोबारा नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं महेश केवट को अपना जवाब पेश करने के लिए अदालत ने एक और मौका दिया है।

दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग समेत दो अन्य अधिकारियों ने प्रतिवादी सूची से अपना नाम हटाने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया है। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता मीनाक्षी नटराजन को पूरे मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

दरअसल, मीनाक्षी नटराजन ने अपनी चुनाव याचिका में आरोप लगाया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उनका नामांकन पत्र गलत तरीके से खारिज किया गया था। उनका कहना है कि नामांकन निरस्त होने के कारण उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 9 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट में होगी। ऐसे में नजर रहेगी कि अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान नामांकन पत्र खारिज किए जाने को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है और मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट का रुख क्या रहता है।

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