इंदौर। मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इन तस्वीरों में जीतू पटवारी सागर के चर्चित बंडा जहरीली शराब कांड के आरोपी मनीष लोधी की शादी में शामिल हुए और डांस करते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है और प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
दरअसल सागर जिले के बंडा क्षेत्र में हाल ही में जहरीली और अमानक शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने जिन लोगों पर कार्रवाई की, उनमें लाइसेंसधारी शराब ठेकेदार मनीष लोधी का नाम भी सामने आया था। उस पर अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शराब कांड के सामने आने के बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बीजेपी सरकार और आबकारी विभाग पर जमकर निशाना साधा था। कांग्रेस की ओर से इस पूरी त्रासदी के लिए सरकार और शराब माफियाओं की कथित मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया गया था।
लेकिन अब सोशल मीडिया पर सामने आई इन तस्वीरों ने कांग्रेस के सामने ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल तस्वीरों में जीतू पटवारी कथित तौर पर मनीष लोधी की शादी समारोह में नजर आ रहे हैं और एक तस्वीर में उनके डांस करने का दावा भी किया जा रहा है। तस्वीरें वायरल होने के बाद बीजेपी और दूसरे विरोधी दल कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं और इसे पार्टी के कथित दोहरे रवैये से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, इन वायरल तस्वीरों की वास्तविकता, उनका पूरा संदर्भ और तस्वीरें कब और किस परिस्थिति में ली गईं, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन तस्वीरों के आधार पर लगाए जा रहे राजनीतिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
फिलहाल वायरल तस्वीरों ने मध्य प्रदेश की सियासत का पारा जरूर चढ़ा दिया है। जिस जहरीली शराब कांड को लेकर कांग्रेस सरकार और शराब माफिया पर लगातार हमलावर थी, उसी मामले के आरोपी से जुड़ी शादी में जीतू पटवारी की कथित मौजूदगी अब कांग्रेस के लिए नया राजनीतिक सवाल बन गई है। अब देखना होगा कि इन वायरल तस्वीरों पर जीतू पटवारी या कांग्रेस की ओर से क्या सफाई सामने आती है और बीजेपी इस मुद्दे को आने वाले दिनों में कितना बड़ा राजनीतिक हथियार बनाती है।

