सियासत का नया केंद्र बना MP! 4 दिनों में जुटेंगे देश के 4 बड़े दिग्गज, संघ-BJP-कांग्रेस का मेगा शो

भोपाल। मध्य प्रदेश में आने वाले चार दिन सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाले हैं। 17 से 20 सितंबर के बीच प्रदेश में देश की राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे एक के बाद एक नजर आएंगे। भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS और कांग्रेस के शीर्ष नेता मध्य प्रदेश का दौरा करने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

17 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला मध्य प्रदेश दौरा होगा। वे उज्जैन और मंदसौर में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर उज्जैन में 25 लाख दीप प्रज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद नितिन नवीन मंदसौर स्थित गांधी सागर सेंचुरी पहुंचेंगे, जहां कूनो से लाए गए चीतों को बाड़े में रिलीज करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा इंदौर में आयोजित स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में भी वे हिस्सा लेंगे।

इसी दौरान 17 और 18 सितंबर को RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उज्जैन में रहेंगे। उज्जैन पहुंचकर वे संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे और युवाओं के साथ सीधा संवाद करेंगे। मध्य प्रदेश की पहली ‘युवा धर्म संसद’ में भी डॉ. मोहन भागवत युवाओं से बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम में स्वामी अवधेशानंद गिरि, प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर और IIM इंदौर के निदेशक हिमांशु राय भी शामिल होंगे। इसके अलावा डॉ. मोहन भागवत उज्जैन में होने वाले 25 लाख दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

इसके बाद 19 सितंबर को सियासी तस्वीर में कांग्रेस की एंट्री होगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचेंगे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और Gen-Z से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के संघर्ष और स्थानीय मुद्दों को लेकर बातचीत होने की बात कही गई है। राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस की ओर से पहले से ही युवाओं के बीच कई तरह के कार्यक्रम और ‘यूथ कनेक्ट’ अभियान चलाया जा रहा है।

वहीं 20 सितंबर को RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले राजधानी भोपाल में रहेंगे। वे करीब 50 हजार लोगों से सीधा संवाद करेंगे, जिसमें लगभग 30 हजार Gen-Z युवाओं के शामिल होने की बात कही जा रही है।

यानी सिर्फ चार दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मध्य प्रदेश में मौजूद रहेंगे। लगातार होने वाले इन बड़े कार्यक्रमों ने मध्य प्रदेश को फिलहाल देश की सियासत का नया केंद्र बना दिया है। अब देखना होगा कि इन बैक-टू-बैक कार्यक्रमों का असर प्रदेश की राजनीति और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर कितना पड़ता है।

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