24 घंटे पुलिस का पहरा, VIP भी टेकते हैं माथा! बेतवा किनारे विराजे ‘बाढ़ वाले गणेश’ का अनोखा इतिहास

 भोपाल/विदिशा। गणेशोत्सव के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री बाढ़ वाले गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भोपाल-विदिशा मार्ग पर रंगई में बेतवा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और इतिहास के लिए जाना जाता है। यहां आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ वीआईपी और कई बड़े राजनेता भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए यहां 24 घंटे पुलिस का कड़ा पहरा रहता है।

इस मंदिर की कहानी करीब डेढ़ दशक पुरानी बताई जाती है। साल 2005 में कुछ युवाओं ने गणेश उत्सव के दौरान बेतवा नदी के किनारे मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। इसी दौरान विदिशा में भीषण बाढ़ आ गई और पूरा पूजा पंडाल बाढ़ के पानी में डूब गया। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा करीब पांच से छह दिनों तक उफनती बेतवा नदी के पानी में डूबी रही।

लेकिन जब बाढ़ का पानी उतरा तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के बावजूद मिट्टी की गणेश प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं हुआ था। प्रतिमा का स्वरूप और बनावट पहले की तरह सुरक्षित थी। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान गणेश का चमत्कार माना और तभी से इस प्रतिमा के प्रति आस्था बढ़ती चली गई।

बताया जाता है कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह भी वहां से गुजरी थीं। बाढ़ के बाद भी प्रतिमा को सुरक्षित देखकर वे भी हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने इसे भगवान गणेश का चमत्कार मानते हुए यहां भव्य मंदिर बनवाने का संकल्प लिया। वर्ष 2008 में मंदिर का निर्माण पूरा हुआ और इसके बाद यह प्रतिमा ‘श्री बाढ़ वाले गणेश’ के नाम से प्रसिद्ध हो गई।

गणेश उत्सव के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। भगवान गणेश का प्रतिदिन विशेष अभिषेक किया जा रहा है और सुबह-शाम भव्य महाआरती हो रही है। मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ भी लगातार जारी है, जो अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर यहां विशेष हवन और पूजन का आयोजन किया जाएगा।

इस धार्मिक आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उनकी पत्नी साधना सिंह के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। बेतवा के किनारे बाढ़ के पानी में कई दिनों तक डूबी रहने के बावजूद सुरक्षित बची गणेश प्रतिमा की यही कहानी आज इस मंदिर को श्रद्धालुओं की आस्था का खास केंद्र बनाती है।

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