मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले! 21 साल बाद MP में शुरू होगी सरकारी बस सेवा, 7500 मेधावी छात्रों को मिलेंगी ई-स्कूटी

भोपाल। भोपाल में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद यानी मोहन कैबिनेट की बैठक में कई अहम और जनहित से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। बैठक के बाद राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सबसे बड़ा फैसला प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा को फिर से शुरू करने को लेकर है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत इंदौर से की जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेश में 150 सिटी और 436 अंतर्राज्यीय यानी इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इस सेवा का विस्तार विकासखंड स्तर तक करने की योजना है।

वहीं प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान करेंगे।

इस योजना का लाभ शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के उन नियमित विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्होंने कक्षा 12वीं में पहले प्रयास में 70 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अब तक इस योजना के तहत 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है और सरकार करीब 250 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। इस बार प्रदेश के 7,500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी दी जाएगी।

कैबिनेट ने स्वामित्व योजना को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। 17 सितंबर से इंदौर से इस योजना के नए अभियान की शुरुआत होगी। इस पर करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अब तक 68 लाख अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं और पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को उनके संपत्ति संबंधी मालिकाना हक दिए जाएंगे। इसके अलावा निजी समितियों का पंजीयन पूरी तरह निशुल्क करने का फैसला भी लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोक सेवक के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी 7 अक्टूबर को यह अवधि पूरी हो रही है। इसके उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे।

सिंचाई परियोजनाओं को लेकर भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जबकि गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।

इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के तहत अनूपपुर और शहडोल जिलों में नए पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हालिया दुबई यात्रा को लेकर सरकार ने बताया कि इस दौरान मध्य प्रदेश के लिए करीब 53 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का दावा है कि ये निवेश प्रस्ताव प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुल मिलाकर मोहन कैबिनेट के इन फैसलों में सरकारी परिवहन की वापसी से लेकर विद्यार्थियों को ई-स्कूटी, संपत्ति के मालिकाना हक, सिंचाई परियोजनाओं और निवेश तक कई बड़े मुद्दे शामिल हैं। अब देखना होगा कि इन फैसलों का जमीन पर असर कितनी तेजी से दिखाई देता है।

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