‘आशीर्वाद का दीया’ पर जीतू पटवारी का हमला! पूछा- विकास की रोशनी या सियासी नौटंकी? महंगाई-बेरोजगारी पर मांगा हिसाब

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्यप्रदेश में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मध्यप्रदेश दौरे और उज्जैन में होने वाले कार्यक्रम को लेकर पटवारी ने सोशल मीडिया के जरिए कई सवाल उठाए हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या यह विकास का दीया है या जनता की तकलीफों पर रोशनी डालने वाली सियासी नौटंकी? उन्होंने नितिन नबीन को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पिछले 12 वर्षों में लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिली हैं, सड़कें बेहतर हुई हैं, युवाओं को रोजगार मिला है और किसानों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी हुई है, तो दीया जलाना सार्थक है।

पटवारी ने अपने बयान में कोरोना काल की ‘ताली-थाली’ और नोटबंदी के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं ‘आशीर्वाद का दीया’ लोगों को उन पुराने दौरों की याद तो नहीं दिलाएगा। उन्होंने ‘रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था’ वाली कहावत का भी इस्तेमाल करते हुए सरकार पर राजनीतिक तंज कसा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर आम आदमी आज भी महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है, तो ऐसे में सिर्फ दीया जलाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। उनके मुताबिक, जनता के मुद्दों पर जवाब और समाधान भी जरूरी है।

जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं, लेकिन साथ ही कहा कि दीया जलाने से पहले जनता के सवालों का अंधेरा दूर करना जरूरी है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 और 18 सितंबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। इंदौर में वे स्वामित्व योजना की नई राज्यव्यापी पंजीयन प्रक्रिया की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए और इसके बाद उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है।

अब सवाल यही है कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के सवालों पर बीजेपी क्या जवाब देती है और महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह सियासी बहस आगे किस दिशा में जाती है।

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