ग्वालियर। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम में 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की एंट्री नहीं होने को लेकर राहुल गांधी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं की बात करने से पहले अपनी उम्र भी देख लेनी चाहिए।
मोहन सिंह राठौड़ ने कहा कि हाल के दिनों में युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश देखने को मिली है, लेकिन इसके साथ ही युवाओं में जागरूकता भी बढ़ी है। उन्होंने इंदौर के कार्यक्रम को लेकर आरोप लगाया कि यह पूरी तरह प्रायोजित नजर आ रहा है और इसमें युवाओं का सहयोग उतना दिखाई नहीं दे रहा है।
भाजपा विधायक ने कहा कि युवाओं के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक मध्य प्रदेश में छात्रों के सामने ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, फिर भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के प्रवेश पर रोक को लेकर राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी को पहले अपनी उम्र देख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की स्थिति और उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक युवाओं को भ्रमित करने के लिए कोई भी बात कही जाए, लेकिन आज का युवा पूरी तरह जागरूक हो चुका है।
मोहन सिंह राठौड़ ने कहा कि युवाओं को पता है कि उनकी शिक्षा, संस्कार, रोजगार और उद्योग के मुद्दों पर कौन काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि नवाचार से लेकर उद्योग और रोजगार तक के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काम कर रहे हैं।
भाजपा विधायक ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी मध्य प्रदेश से कुछ हासिल करके नहीं जाने वाले हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले समय में विधानसभा चुनाव और उसके बाद नगरीय निकाय चुनाव में भी इसी तरह का असर देखने को मिलेगा।
अब राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ कांग्रेस इसे युवाओं और छात्रों की आवाज बता रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता कार्यक्रम की जरूरत और उसके स्वरूप पर सवाल उठा रहे हैं।

