भोपाल। भोपाल में मॉडल खुशबू वर्मा की मौत का मामला अब रहस्य से निकलकर सनसनी में बदल चुका है। 27 वर्षीय खुशबू की संदिग्ध मौत के पीछे अब हत्या और लव जिहाद के एंगल की जांच तेज हो गई है। आरोपी कासिम अहमद पर धर्मांतरण का दबाव बनाने और खुशबू से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बुधवार को पुलिस जब कासिम को साथ लेकर पीएम आवास योजना के छोला इलाके में स्थित खुशबू के फ्लैट पहुंची, तो वहाँ के नज़ारे देखकर अफसरों के होश उड़ गए।
फ्लैट की तलाशी के दौरान पुलिस को खुशबू का आधार कार्ड मिला, जिसमें उसकी फोटो बुर्के में लगी हुई थी। यही सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सुराग बना, जिसने परिवार के लव जिहाद के आरोपों को और मजबूत कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट पिछले डेढ़ महीने से बंद था। कासिम की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस वहां पहुँची तो ताला टूटा मिला, जिससे सीन टैंपरिंग की आशंका गहराने लगी है।
खजूरी थाना पुलिस इस मौत के असली कारणों की जांच में जुटी है, जबकि छोला थाना धर्मांतरण और मारपीट के पहलू से मामला देख रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि खुशबू गर्भवती थी और फैलोपियन ट्यूब फटने से उसकी मौत हुई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि खुशबू के शरीर पर चोट के निशान थे, चेहरे पर सूजन थी और प्राइवेट पार्ट्स पर भी मारपीट के सबूत मिले हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जब फ्लैट खोला गया, तो ताला पहले से टूटा हुआ मिला। अधिकारियों ने बताया कि ताला टूटा होने के कारण सीन ऑफ क्राइम को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रखा जा सका। यही वजह है कि अब फॉरेंसिक टीम कई तकनीकी एंगल से जांच कर रही है और कासिम से लगातार सख्ती से पूछताछ जारी है।
अगर बात करें पूरे घटनाक्रम की—तो यह सिलसिला शुरू हुआ 10 नवंबर को, जब खुशबू और कासिम उज्जैन दर्शन के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक खुशबू को तेज दर्द हुआ। कासिम उसे भोपाल के चिरायु अस्पताल ले गया, लेकिन इलाज के दौरान खुशबू की मौत हो गई। इससे पहले ही कासिम ने खुशबू की मां को फोन कर कहा—“खुशबू मर गई, बॉडी अकड़ गई है।” इतना कहकर वह फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
खुशबू मूल रूप से सागर की रहने वाली थीं और पिछले तीन सालों से भोपाल में रहकर मॉडलिंग कर रही थीं। अब यह मामला धीरे-धीरे लव, धोखे और धर्मांतरण की एक जटिल कहानी में बदलता जा रहा है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल खुशबू की मौत के राज़ अभी भी गहराते जा रहे हैं।

