पन्ना। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन ने PCC चीफ जीतू पटवारी समेत करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी काम में बाधा डाली और प्रशासन की रोक के बावजूद बैरिकेडिंग तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया। पूरा मामला बुंदेलखंड में चल रहे उस आंदोलन से जुड़ा है, जहां आदिवासी महिलाएं जमीन बचाने की मांग को लेकर चिता पर लेटकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
दरअसल छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना की वजह से उनकी जमीन और जंगल प्रभावित होंगे। इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ निर्माण स्थल की ओर पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने वन्यजीव सुरक्षा और प्रतिबंधित क्षेत्र का हवाला देते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और बैरिकेडिंग कर दी।
बताया जा रहा है कि प्रशासन की रोक के बावजूद जीतू पटवारी पीछे नहीं हटे और कार्यकर्ताओं के साथ बैरिकेड पार कर अंदर पहुंच गए। इस दौरान मौके पर जमकर नारेबाजी भी हुई। जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें जनता के बीच भेजा है और आदिवासियों के हक की लड़ाई के लिए वे सौ बार जेल जाने को भी तैयार हैं।
घटना के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जीतू पटवारी समेत 20 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस इसे आदिवासियों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि प्रशासन नियमों और सुरक्षा का हवाला दे रहा है।

