महाकाल के सान्निध्य में नए साल का स्वागत, रुद्राक्ष और डमरू से सजेगा महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक

उज्जैन। नए साल के स्वागत को लेकर उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक एक बार फिर भव्य और दिव्य रूप में सजने जा रहा है। हर साल फूलों और रोशनी से होने वाली सजावट के साथ इस बार एक अनोखा प्रयोग किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष और डमरू से पूरे मंदिर परिसर को सजाया जाएगा। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में रुद्राक्ष और डमरू से महाकालधाम को सजाने की तैयारी की गई है। यह सजावट महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है।

नई सजावट के तहत महाकालेश्वर मंदिर परिसर और महाकाल लोक में करीब पांच लाख रुद्राक्ष और ग्यारह हजार डमरू लगाए जा रहे हैं। मंदिर के पिलर, नंदी द्वार, शिखर, मानसरोवर प्रवेश द्वार और पूरे परिसर को रुद्राक्ष और डमरू की माला से सजाया जा रहा है। इस विशेष सजावट के लिए गुजरात के वडोदरा से 108 सदस्यों की एक टीम उज्जैन पहुंची है, जिसने सजावट का काम शुरू कर दिया है। पूरी सजावट 31 दिसंबर की रात 12 बजे तक पूरी कर ली जाएगी।

नए साल के पहले दिन महाकाल के दर्शन के लिए रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर में सभी तरह के प्रोटोकॉल बंद कर दिए गए हैं ताकि श्रद्धालु सहज दर्शन कर सकें। इसके साथ ही भस्म आरती के मार्ग में भी बदलाव किया गया है और चलित भस्म आरती की शुरुआत की गई है, जिसका लाभ श्रद्धालु सुबह 5 बजकर 15 मिनट से ले सकेंगे।

सजावट का कार्य कर रहे डमरू वाला फाउंडेशन के सदस्य विभूल पटेल ने बताया कि उनके फाउंडेशन का संकल्प है कि देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों को इसी तरह से सजाया जाए। पिछले वर्ष केदारनाथ धाम को सजाया गया था और इस वर्ष बाबा महाकाल के धाम को यह भव्य श्रृंगार अर्पित किया जा रहा है। फाउंडेशन इसे बाबा महाकाल को अपनी श्रद्धा और भक्ति का चढ़ावा मानता है और 31 दिसंबर की रात तक महाकालेश्वर मंदिर पूरी तरह दिव्य रूप में नजर आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *