इंदौर। स्वच्छता की राजधानी कहलाने वाला इंदौर अब पानी, गंदगी और अपराध के गंभीर संकट से जूझ रहा है और इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम पर करारा वार किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इंदौर की चमक अब सिर्फ पोस्टर और प्रचार तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत बदहाली, जहरीले पानी और बढ़ते अपराधों की कहानी बयां कर रही है।
इंदौर में हुई प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव उषा नायडू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिलाध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा मौजूद रहे, जहां सभी नेताओं ने एक सुर में नगर निगम, महापौर और राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि नगर निगम गीले और सूखे कचरे के नाम पर सालों से जनता को परेशान कर रहा है और एक समय स्वच्छता में नंबर-1 रहने वाला इंदौर आज जहरीले पानी और हादसों के कारण देशभर में बदनाम हो रहा है। उन्होंने बावड़ी कांड, चूहा कांड और भागीरथपुरा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ दुर्घटनाएं नहीं बल्कि लापरवाही और अपराध का नतीजा हैं।
जीतू पटवारी ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस समय इंदौर में काम करने की इच्छाशक्ति नजर आती थी, लेकिन आज शहर को हादसों और अपराधों के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर के इतिहास का सबसे असफल महापौर बताते हुए कहा कि उन्होंने शहर की छवि देश-दुनिया में धूमिल कर दी है और पूरी एमआईसी को गड्ढे में डाल दिया है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने उन्हें अहंकारी बताया और नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इंदौर को लेकर गंभीर नहीं हैं और सिर्फ औपचारिक दौरे करके चले जाते हैं। इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने के मामले पर भी आपत्ति जताते हुए पटवारी ने कहा कि इसकी शिकायत की जाएगी और संबंधित अधिकारी को हटाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने आंकड़े रखते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में नगर निगम का बजट करीब 56 हजार करोड़ रुपये था और ड्रेनेज के लिए 3700 करोड़ रुपये मिले, लेकिन पिछले 25 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा खर्च किए गए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का सही हिसाब आज तक जनता के सामने नहीं आया।
भागीरथपुरा हादसे को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए और कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट करने वाले प्रधानमंत्री ने इस गंभीर हादसे पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जज से कराई जाए, महापौर और जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हो और पानी का रियल टाइम ऑडिट किया जाए।
प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम में पानी से जुड़ी घटनाओं और मौतों की निगरानी के लिए अलग विभाग बनाया जाए और इंदौर की जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल की गारंटी दी जाए। जीतू पटवारी ने साफ कहा कि कांग्रेस इंदौर के हर वार्ड में जाकर पानी, स्वच्छता और अपराध से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी, क्योंकि अब यह सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि इंदौर के लोगों की जान और भविष्य का सवाल बन चुका है।

