ग्वालियर। अक्षय कुमार की फिल्म Gabbar Is Back की कहानी जैसी एक चौंकाने वाली घटना ग्वालियर से सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल पर इलाज के नाम पर भारी बिल बनाने के आरोप लगे हैं। मामला शहर के अपोलो अस्पताल से जुड़ा है, जहां एक बेटी के कथित ‘नाटक’ को गंभीर बीमारी बताकर ICU तक पहुंचा दिया गया और देखते ही देखते हजारों रुपये का बिल बना दिया गया।
बताया जा रहा है कि 7 तारीख को घर में पिता और बेटी के बीच मामूली विवाद हुआ था। इसी दौरान बेटी ने गुस्से में जहर खाने और बेहोश होने का नाटक किया। घबराया पिता तुरंत उसे ग्वालियर के साईं बाबा मंदिर रोड स्थित अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचा। पिता को उम्मीद थी कि डॉक्टर बेटी की जान बचाने में जुटेंगे, लेकिन आरोप है कि अस्पताल ने इस स्थिति को कमाई का जरिया बना लिया।
अस्पताल में पहुंचते ही बेटी को ‘हाई रिस्क केस’ बताते हुए सीधे ICU में भर्ती कर लिया गया और 10 हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए गए। आरोप है कि कुछ ही घंटों में लगातार दवाइयां और इलाज शुरू कर दिया गया। लेकिन रात करीब 11 बजे बेटी ने खुद अपने पिता को बताया कि उसने कोई जहर नहीं खाया था और वह पूरी तरह ठीक है।
सच्चाई सामने आने के बाद पिता ने अस्पताल प्रबंधन को पूरी बात बताई, लेकिन तब तक अस्पताल की ओर से 4 घंटे का करीब 38 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया। पिता ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोप है कि अस्पताल ने बेटी को डिस्चार्ज करने से इनकार कर दिया। दो दिन के भीतर बिल बढ़कर करीब 68 हजार रुपये तक पहुंच गया।
परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर अस्पताल ने बेटी को ‘बंधक’ जैसी स्थिति में रखा और पिता को उससे मिलने तक नहीं दिया गया। मामला बढ़ने पर कांग्रेस नेता सुनील शर्मा और समाजसेवी अनंत शर्मा अस्पताल पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर अतिरिक्त चार्ज हटाने की बात मानी और बाद में युवती को डिस्चार्ज कर दिया गया।
अब यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और इलाज के नाम पर होने वाले भारी खर्च को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

