लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर अमित शाह ने महापुरुषों को पुष्पांजलि अर्पित की और इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की अमूल्य विरासत से सिंचित, गंगा-यमुना की पावन और उर्वर भूमि उत्तर प्रदेश वह धरती है, जिसने देश को संस्कृति, साधना, शक्ति और संकल्प का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज विकास और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम आज से गणतंत्र दिवस तक अवध शिल्प ग्राम में आयोजित किए जाएंगे, जबकि महाकुंभ के सेक्टर सात में भी विशेष आयोजन होंगे।
प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्थापना दिवस को लेकर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं लखनऊ के मुख्य आयोजन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की भी मौजूदगी रहेगी।
यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, विरासत और विकास को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 1902 में नॉर्थ वेस्ट प्रोविन्स का नाम बदलकर यूनाइटेड प्रोविन्स ऑफ आगरा एंड अवध किया गया, जिसे आमतौर पर यूपी कहा जाने लगा।
वर्ष 1920 में प्रदेश की राजधानी प्रयागराज से लखनऊ स्थानांतरित की गई, जबकि उच्च न्यायालय प्रयागराज में ही बना रहा और लखनऊ में उसकी एक पीठ स्थापित की गई।
24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया और इसके बाद से ही हर साल उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाने लगा।
मई 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से हर वर्ष 24 जनवरी को यूपी दिवस मनाने की घोषणा की थी, जिसका प्रस्ताव तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक द्वारा दिया गया था।

