अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार से मुआवजे की मांग, बोले– किसान अकेला नहीं, हम साथ खड़े हैं

 भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ठंड के बीच हुई बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जिलों में मेहनत से उगाई गई फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसको लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

अरुण यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि खरगोन, आगर, गुना, उज्जैन सहित कई जिलों में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसान की मेहनत और उम्मीद मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने सरकार से अपील की कि तुरंत सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान अकेला नहीं है, हम सब उसके साथ खड़े हैं।

प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का असर 20 से ज्यादा जिलों में देखने को मिला है। मंगलवार को उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा और गुना में ओले गिरे, जिससे गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

देवास जिले में हुई ओलावृष्टि पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों में तहसीलदार की अध्यक्षता में सर्वे दल गठित करने को कहा है। यह दल राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का आकलन करेगा, पंचनामा तैयार करेगा और किसानों से आवेदन लेकर आगे की कार्रवाई करेगा।

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