भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेशनल हाईवे 45 पर बने ब्रिज का हिस्सा ढहने के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि निर्माण करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और ब्रिज निर्माण से जुड़े इंजीनियर पर भी कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट लापरवाही का मामला है और जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच के बाद कड़े कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल अलग से जांच कमेटी बनाने की जरूरत नहीं समझी गई है।
दरअसल, जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 45 पर बना यह ब्रिज अचानक आंशिक रूप से ढह गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। बताया जा रहा है कि ब्रिज का एक हिस्सा पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त था और उसी के सहारे आवागमन चल रहा था, लेकिन अब दूसरा हिस्सा भी गिर गया। हादसे के बाद यातायात को शहपुरा शहर के भीतर से डायवर्ट किया गया है।
करीब चार साल पहले बने इस ब्रिज के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना ने निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा छेड़ दी है।
वहीं किसानों के मुद्दे पर प्रस्तावित कांग्रेस आंदोलन को लेकर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिलते रहे हैं और किसानों को लेकर प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिशाहीन नेतृत्व के कारण इस तरह की स्थितियां बनती हैं।

