सिंगरौली। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब सिंगरौली से बीजेपी विधायक रामनिवास शाह को स्पीकर ने टोकते हुए कहा कि आप अपने विधानसभा क्षेत्र के बारे में बोलिए। इसके बाद विधायक ने अपनी बात शुरू तो की, लेकिन चर्चा का बड़ा हिस्सा भोपाल और इंदौर जैसे शहरों के विकास पर केंद्रित रहा।
इसी मुद्दे पर सिंगरौली कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने सिंगरौली के जमीनी मुद्दों को उठाने के बजाय सीएसआर और कथित विकास की बातें कर दीं। उनका कहना है कि सिंगरौली में “विकास की गंगा” बहने का दावा किया जा रहा है और उसी का श्रेय लेकर सरकार आगे बढ़ रही है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि यह सिंगरौलीवासियों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके विधायक विधानसभा में अपने क्षेत्र की समस्याओं की जगह भोपाल और इंदौर की चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सिंगरौली आज भी प्रदूषण, विस्थापन और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर सदन में ठोस बहस नहीं हुई।
कांग्रेस ने दावों और श्रेय की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सीएसआर का धन केंद्रीय मद से आता है और उसका उपयोग एनटीपीसी सहित देशभर में किया जाता है, जबकि डीएमएफ यानी जिला खनिज निधि का पैसा भी सीधे सिंगरौली में खर्च नहीं होता, इसके लिए भोपाल से अनुमोदन जरूरी होता है।
ऐसे में कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब स्थानीय जरूरतों पर सीधे खर्च की व्यवस्था ही सीमित है, तो सिंगरौली का वास्तविक विकास आखिर कैसे संभव होगा। कुल मिलाकर यह मुद्दा अब केवल विकास का नहीं, बल्कि प्राथमिकताओं और राजनीतिक जवाबदेही का बन गया है।

