जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ा 23 साल पुराना एक चर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दायर मानहानि प्रकरण में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति पर विचार करने के बाद अगली सुनवाई की तारीख 1 जुलाई 2026 तय की है।
दरअसल यह पूरा विवाद साल 2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। उस समय उमा भारती ने दिग्विजय सिंह पर अंडरवर्ल्ड से संबंध होने का आरोप लगाया था। इन आरोपों को अपनी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए दिग्विजय सिंह ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले की प्रगति और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। प्रतिवादी पक्ष की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई 2026 तक के लिए स्थगित कर दी।
करीब दो दशक से अधिक समय से चल रहा यह मामला अब भी कानूनी प्रक्रिया में बना हुआ है। राजनीतिक रूप से भी इस प्रकरण को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रदेश की राजनीति के दो बड़े और चर्चित नेताओं के बीच का पुराना विवाद शामिल है। अब सभी की निगाहें 1 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस लंबे समय से चल रहे मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।

