शहडोल। राजनीति में रिश्ते अक्सर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन निजी जिंदगी के फैसले कई बार खामोशी से लिए जाते हैं। शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र मरावी का करीब 9 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब खत्म हो गया है। दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों वर्ष 2021 से ही अलग-अलग रह रहे थे और लंबे समय तक अलग रहने के बाद अब उन्होंने कानूनी तौर पर भी अपने रिश्ते को समाप्त कर लिया है।
हिमाद्री सिंह शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं और आदिवासी राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण पहचान है। वहीं नरेंद्र मरावी भी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। दोनों का विवाह वर्ष 2017 के आसपास हुआ था। शादी के बाद कुछ समय तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में उनके बीच दूरियां बढ़ती चली गईं।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2021 से दोनों अलग रह रहे थे। हालांकि इस दौरान दोनों ने अपने निजी रिश्ते को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा बात नहीं की। अब आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला चर्चा में आया है।
हिमाद्री सिंह एक बड़े राजनीतिक परिवार से आती हैं। वे इलाके के कद्दावर आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दलवीर सिंह की बेटी हैं। दलवीर सिंह राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे। हिमाद्री सिंह के माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। हिमाद्री ने वर्ष 2016 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2019 तथा 2024 दोनों लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की।
राजनीतिक परिवार से जुड़े इस वैवाहिक रिश्ते के टूटने की खबर सामने आने के बाद शहडोल सहित पूरे संसदीय क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है। हालांकि तलाक के पीछे की व्यक्तिगत वजहों को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से निजी कारणों पर विस्तृत सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल इतना साफ है कि करीब 9 साल पुराने इस रिश्ते का अंत दोनों की आपसी सहमति से हुआ है और अब हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी अपनी-अपनी राह पर आगे बढ़ चुके हैं।

