इंदौर में बंद मकान के अंदर मिला अवैध शराब का जखीरा! 5.50 लाख की 792 बल्क लीटर मदिरा बरामद, सागर कांड के बाद एक्शन तेज

इंदौर। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में इंदौर आबकारी विभाग ने एक बंद मकान से 792 बल्क लीटर अवैध मदिरा बरामद कर बड़ी कार्रवाई की है। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

आबकारी विभाग के मुताबिक 10 सितंबर की सुबह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम बसंदरा, वृत्त सांवेर में कार्रवाई की गई। टीम को सूचना मिली थी कि एक बंद मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब का संग्रहण किया गया है। सूचना मिलते ही आबकारी टीम मौके पर पहुंची और मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान अंदर से भारी मात्रा में अवैध मदिरा बरामद हुई।

विभाग के अनुसार मकान से कुल 792 बल्क लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 5 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। सबसे अहम बात यह है कि आबकारी विभाग के मुताबिक यह शराब मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए रखी गई थी। ऐसे में अब सवाल सिर्फ इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी का नहीं है, बल्कि यह भी है कि आखिर इतनी शराब वहां पहुंची कैसे और ग्रामीण इलाके में इसे किसके जरिए खपाने की तैयारी थी।

मुखबिर की सूचना के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारियों धर्मेंद्र जोशी, पवन टीकेकर और निधि शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। टीम में आबकारी उपनिरीक्षक जया मुजाल्दे और जयेश वास्केल, मुख्य आरक्षक अंकिता लोधवाल और कमलेश निहोरे के साथ आरक्षक संजय सिंघार और विवेक कनाडे शामिल रहे। शराब बरामद होने के बाद आबकारी विभाग ने प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अब इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक बंद मकान में 792 बल्क लीटर अवैध शराब पहुंची कैसे। क्या इस मकान का इस्तेमाल लंबे समय से शराब के भंडारण के लिए किया जा रहा था। शराब आखिर कहां से लाई गई थी और इसे किस इलाके में खपाने की तैयारी थी। साथ ही इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।

इंदौर में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग पहले से ही अभियान चला रहा है। हाल ही में अलग-अलग कार्रवाई में बड़ी मात्रा में शराब जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। एक कार्रवाई में 470 पेटी और करीब 4 हजार 151 बल्क लीटर शराब जब्त की गई थी। वहीं हालिया अभियान में टोल नाकों और संवेदनशील इलाकों पर 12 टीमें लगाकर करीब 40 मामलों में कार्रवाई और लगभग 300 लीटर अवैध मदिरा जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

ऐसे में बसंदरा के बंद मकान से हुई यह बरामदगी भी उसी व्यापक अभियान की अगली कड़ी मानी जा रही है। आबकारी विभाग लगातार अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन हर बड़ी जब्ती के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आता है। अगर एक बंद मकान से साढ़े पांच लाख रुपये की शराब बरामद हो सकती है, तो क्या जिले में ऐसे और भी ठिकाने मौजूद हैं।

अब आबकारी विभाग के सामने सिर्फ अवैध शराब जब्त करने की चुनौती नहीं है, बल्कि असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां से शराब लाई गई, जहां उसका भंडारण हुआ और जहां उसे आगे खपाने की तैयारी थी। सागर की घटना के बाद अवैध शराब को लेकर प्रशासन की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त है। ऐसे में इंदौर की यह कार्रवाई अवैध शराब का भंडारण करने वालों के लिए साफ संकेत है कि अब बंद मकान भी सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेंगे।

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