इंदौर। स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने नगर निगम की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की नई मिसाल पेश कर दी है। राजेंद्र नगर क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार का करीब दो किलो वजनी चांदी का लोटा गलती से कचरे के साथ नगर निगम की गाड़ी में चला गया। परिवार को जब इस बात का पता चला, तो उनकी चिंता बढ़ गई और उन्होंने तुरंत नगर निगम से संपर्क किया।
बताया जा रहा है कि महिला ने घर का कचरा बाहर रखा था और उसी के पास एक थैले में चांदी का लोटा भी रखा हुआ था। दोनों थैले एक जैसे होने की वजह से गलती से कीमती लोटा भी कचरे के साथ उठा लिया गया। कुछ देर बाद जब परिवार ने लोटे की तलाश शुरू की, तब उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ।
शिकायत मिलते ही नगर निगम की टीम हरकत में आ गई। अधिकारियों ने सबसे पहले कचरा उठाने वाले वाहन का रूट ट्रेस किया और पता लगाया कि कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंच चुका है। इसके बाद निगम के कर्मचारियों ने सैकड़ों टन कचरे के बीच विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
कचरे के विशाल ढेर में किसी एक सामान को ढूंढ़ना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। लगातार 24 घंटे तक चली तलाश के बाद आखिरकार निगम कर्मचारियों को कचरे के बीच से दो किलो का चांदी का लोटा सुरक्षित मिल गया। इसके बाद उसे परिवार को सौंप दिया गया।
अपना कीमती सामान वापस मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने नगर निगम की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। वहीं, इस घटना के बाद शहरभर में निगम कर्मचारियों की मेहनत और जिम्मेदारी की सराहना हो रही है।
यह घटना सिर्फ एक चांदी का लोटा मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि इंदौर न केवल स्वच्छता में नंबर वन है, बल्कि संवेदनशीलता और जनसेवा में भी अपनी अलग पहचान रखता है।

