राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से चिकित्सा क्षेत्र का एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों की टीम ने एक गर्भवती महिला का जटिल ऑपरेशन कर न केवल स्वस्थ बच्चे का सुरक्षित जन्म कराया, बल्कि उसी दौरान महिला की ओवरी से करीब 10.2 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर भी सफलतापूर्वक निकाल दिया। इस सफल ऑपरेशन के बाद मां और नवजात दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
अस्पताल पहुंचने पर महिला की स्थिति बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों के सामने दोहरी चुनौती थी। एक ओर गर्भ में पल रहे शिशु को सुरक्षित जन्म दिलाना था, वहीं दूसरी ओर महिला की जान के लिए खतरा बन चुके विशाल ट्यूमर को भी निकालना जरूरी था।
डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए सबसे पहले लगभग 2.6 किलोग्राम वजनी स्वस्थ बच्चे का सुरक्षित जन्म कराया। इसके तुरंत बाद उसी सर्जरी के दौरान महिला की ओवरी में मौजूद करीब 10.2 किलोग्राम के विशाल ट्यूमर को भी सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद ट्यूमर का आकार और वजन देखकर अस्पताल का स्टाफ भी हैरान रह गया।
इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ सर्जन डॉ. पल्लवी सिंह और डॉ. अदिति खरे ने किया। वहीं एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. तृप्ति वत्सल्य, डॉ. जितेन्द्र कुमार और डॉ. देवांशु सराफ ने संभाली। ऑपरेशन के दौरान जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी पूरी टीम के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और फिलहाल मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर है। दोनों चिकित्सकीय निगरानी में हैं और खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों की इस सफल सर्जरी की चिकित्सा जगत में सराहना हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में एक साथ सुरक्षित प्रसव और इतने बड़े ट्यूमर को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन डॉक्टरों की टीमवर्क और सूझबूझ ने इसे सफल बना दिया।

