उज्जैन। सावन माह के पहले दिन उज्जैन की महाकाल नगरी में आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। देवाधिदेव भगवान महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी बीच महाकाल मंदिर के भव्य शिखर पर एक वानर ध्वज थामे हुए दिखाई दिया, जिसे देखकर मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं के अनुसार, यह नजारा किसी अलौकिक अनुभूति से कम नहीं था। सनातन परंपरा में वानर को संकटमोचन हनुमान जी का प्रतीक माना जाता है, वहीं हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्र अवतार भी कहा जाता है। ऐसे में सावन के पहले ही दिन महाकाल मंदिर के शिखर पर ध्वज के साथ बैठे वानर को देखकर भक्तों ने इसे विशेष संयोग माना।
मंदिर में मौजूद हजारों श्रद्धालु पहले बाबा महाकाल के दर्शन कर रहे थे, लेकिन जैसे ही लोगों की नजर शिखर पर पड़ी, सभी का ध्यान उस ओर चला गया। देखते ही देखते श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयघोष करने लगे। कई लोगों ने इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद कर लिया।
सावन के पावन अवसर पर सामने आए इस दृश्य की चर्चा पूरे उज्जैन में हो रही है। हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग लोगों की अपनी आस्था और मान्यताएं हैं, लेकिन इतना जरूर है कि महाकाल की नगरी में यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार पल बन गया।
सावन के पहले दिन महाकाल मंदिर में उमड़ी आस्था और मंदिर शिखर पर दिखे इस अनोखे दृश्य ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा महाकाल के दरबार में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा होता है, जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।

