भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट में विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में पहुंचे मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और बालाघाट के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास और आजीविका पहल की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान पशुपालन, आवास, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले बालाघाट की लाड़ली बहनों ने उन्हें राखी भी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार।
225 करोड़ रुपये की इस पहल के तहत सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य सिर्फ सड़क बनाने का नहीं है, बल्कि सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ना है। बालाघाट में एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को भी आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि कौशल और प्रशिक्षण हासिल कर रोजगार देने वाले उद्यमी बनें।
बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को भी बढ़ावा देने की योजना है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अब नक्सल से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। नक्सलमुक्त बालाघाट सरकार की उपलब्धि है, लेकिन अब लक्ष्य सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध और आत्मनिर्भर बालाघाट बनाना है।
इस पूरी पहल में बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष फोकस रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में विकास पहुंचे, हर युवा को अवसर मिले, हर परिवार की आय बढ़े और हर समाज को सम्मान मिले। इसी सोच के साथ 100 गांवों में 225 करोड़ रुपये की विकास और आजीविका पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अब देखना होगा कि इस बड़ी घोषणा का असर जमीन पर कितनी तेजी से दिखाई देता है और बालाघाट के बैगा बहुल तथा पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास और रोजगार की तस्वीर किस तरह बदलती है।

