MP में अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण! पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी भर्ती में बदलेगा आरक्षण का गणित

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे और खुलने वाले हैं। प्रदेश सरकार पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसी यूनिफॉर्म सर्विस की भर्तियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

सबसे बड़ा बदलाव पुलिस सामान्य आरक्षक भर्ती में देखने को मिल सकता है। फिलहाल सामान्य आरक्षक भर्ती में होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। सरकार इसे घटाकर 10 प्रतिशत करने की तैयारी में है। वहीं पूर्व सैनिकों के लिए मौजूद 10 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 7.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इन बदलावों के बाद 7.5 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाने की तैयारी है।

इसी तरह जेल प्रहरी और वनरक्षक की भर्ती में भी आरक्षण का गणित बदलेगा। इन पदों पर होमगार्ड के लिए फिलहाल 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण है। प्रस्ताव के मुताबिक इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा और बचने वाले 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।

बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को सितंबर में कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। खास बात यह है कि अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में अपनी चार साल की सेवा पूरी करेगा। इसके बाद जनवरी-फरवरी के आसपास प्रदेश में यूनिफॉर्म सर्विस की भर्तियां शुरू करने की तैयारी है।

अब अगर पुलिस आरक्षक भर्ती के पुराने आरक्षण के गणित को देखें, तो इसमें पहले भी बदलाव हो चुके हैं। वर्ष 2017 में होमगार्ड के लिए आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया था। हालांकि बाद के भर्ती नियमों में यह फिर 15 प्रतिशत हो गया।

अब सरकार एक बार फिर इसमें बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव लागू हुआ तो होमगार्ड के आरक्षण में 5 प्रतिशत अंक की कमी आएगी।

वहीं पुलिस सामान्य आरक्षक भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान वर्ष 1999 से चला आ रहा है। अब इसे घटाकर 7.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यानी पूर्व सैनिकों के आरक्षण में 2.5 प्रतिशत अंक की कमी प्रस्तावित है।

जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती की बात करें तो वर्ष 2014 में होमगार्ड और नगर सैनिकों के लिए इन पदों पर 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया था। अब अग्निवीरों को आरक्षण देने के लिए इसी 30 प्रतिशत कोटे को घटाकर 20 प्रतिशत करने और 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए रखने की तैयारी है।

यानी अगर सरकार का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो मध्यप्रदेश की यूनिफॉर्म सर्विस भर्ती का पूरा आरक्षण गणित बदल जाएगा। एक तरफ अग्निवीरों को सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी में नया अवसर मिलेगा, तो दूसरी तरफ होमगार्ड और पूर्व सैनिकों के मौजूदा आरक्षण में कटौती होगी।

अब सबसे ज्यादा नजर सितंबर में होने वाली कैबिनेट बैठक पर रहेगी, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आने वाली पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी भर्तियों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा।

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