भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की सतर्कता से एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। रेलवे पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध अवस्था में घूम रही बच्ची को टीम ने अपने संरक्षण में लिया।
जानकारी के मुताबिक, भोपाल रेलवे स्टेशन पर नियमित चेकिंग के दौरान जीआरपी जवानों की नजर एक नाबालिग बालिका पर पड़ी। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम नंदिनी बताया और कहा कि वह नर्मदापुरम जिले के पिपरिया की रहने वाली है। बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह बिना किसी को बताए घर से निकलकर भोपाल पहुंच गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने तत्काल बच्ची को सुरक्षित थाने पहुंचाया और चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बाल कल्याण समिति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के परिजनों से संपर्क कर उसके पिता को भोपाल बुलाया।
पहचान और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बच्ची को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बच्ची से कथित तौर पर भिक्षावृत्ति कराई जाती थी। इस खुलासे के बाद जीआरपी भोपाल ने पिता के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 76 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन हमदर्द’ का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर भटकते, लावारिस या संकट में फंसे बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करना है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर हस्तक्षेप किसी बच्चे की जिंदगी बदल सकता है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची से कब और किन परिस्थितियों में भिक्षावृत्ति कराई जा रही थी।

