दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर समीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश का सम्मान करती है, लेकिन चुनाव परिणाम की विस्तृत समीक्षा भी की जाएगी। यदि जांच में कोई कार्यकर्ता अनुशासनहीनता या पार्टी हित के खिलाफ काम करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। पार्टी का हर कार्यकर्ता, चाहे वह किसी भी पद पर हो, संगठन की मर्यादा और अनुशासन का पालन करने के लिए बाध्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी और यदि किसी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान को दतिया उपचुनाव में संभावित भीतरघात की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा संगठन के भीतर हार के कारणों को लेकर मंथन तेज हो गया है और अब सभी की नजर समीक्षा रिपोर्ट पर टिकी है।
गौरतलब है कि चुनाव से पहले पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था। उन्होंने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था और नामांकन पत्र भी ले लिया था। लेकिन बाद में पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। टिकट बदलने के बाद नरोत्तम मिश्रा के कुछ समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। उस दौरान हाईवे जाम किया गया था और पुलिस-प्रशासन के साथ विवाद और पथराव की घटनाएं भी हुई थीं।
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कार्यकर्ताओं की इसी नाराजगी का असर चुनाव परिणाम पर पड़ा हो सकता है। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा का कहना है कि पूरी समीक्षा के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

