शिवपुरी। मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला एक कुख्यात डकैत के महिमामंडन से जुड़ा है, जिस पर बढ़ते विरोध और सामाजिक नाराजगी के बाद विधायक को सार्वजनिक रूप से खेद जताना पड़ा। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में प्रीतम लोधी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे सभी समाजों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब अहिल्याबाई होल्कर जयंती के एक कार्यक्रम में प्रीतम लोधी ने मंच से पूर्व दस्यु रामबाबू गड़रिया का उल्लेख करते हुए उसे अपना “भाई” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सामंतवादी अत्याचारों के कारण रामबाबू गड़रिया डकैत बनने के लिए मजबूर हुआ था। विधायक के इस बयान का वीडियो सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
सबसे ज्यादा नाराजगी गुर्जर समाज में देखने को मिली। गुर्जर समाज का आरोप है कि रामबाबू गड़रिया के आतंक के दौर में सबसे अधिक नुकसान और हत्याएं उनके समाज के लोगों की हुई थीं। ऐसे में एक जनप्रतिनिधि द्वारा उसके प्रति सहानुभूति या महिमामंडन जैसी टिप्पणी करना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। विरोध बढ़ने के बाद कई स्थानों पर विधायक के खिलाफ शिकायतें भी की गईं और उनके बयान की कड़ी आलोचना की गई।
चारों ओर से घिरने के बाद आखिरकार प्रीतम लोधी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है। साथ ही उन्होंने सामाजिक सौहार्द और सभी वर्गों के सम्मान की बात भी दोहराई।
हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब प्रीतम लोधी अपने बयान की वजह से विवादों में फंसे हों। इससे पहले भी वे कई बार अपनी टिप्पणियों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। शिवपुरी जिले में पदस्थ रहे एक आईपीएस अधिकारी को लेकर की गई उनकी विवादित टिप्पणी ने भी बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा किया था। उस समय भी पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
अब एक बार फिर अपनी जुबान की वजह से विवादों में आए प्रीतम लोधी का खेद व्यक्त करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं और विपक्ष भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का प्रयास कर रहा है।

