भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। टिकट बदलने के फैसले के विरोध में दतिया में देर रात से विरोध प्रदर्शन और इस्तीफों का सिलसिला लगातार जारी है।
नाराज समर्थकों ने देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। विरोध के चलते शहर के कई प्रमुख बाजार भी बंद रहे। हालात ऐसे बन गए कि दतिया स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर ताला लटका रहा और सुबह तक पार्टी की स्थानीय गतिविधियां प्रभावित रहीं।
बताया जा रहा है कि टिकट कटने की खबर के बाद भाजपा संगठन में असंतोष तेजी से बढ़ा। अब तक 150 से अधिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का दावा किया है। नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पिछले कई सप्ताह से चुनावी तैयारियों में जुटे थे और अंतिम समय में उनका टिकट काटना कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ अन्याय है।
इस बीच सूत्रों के अनुसार, टिकट घोषित होने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर दतिया की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और अपने समर्थकों की नाराजगी से अवगत करा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने स्थानीय फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवार बदलने का फैसला लिया है। हालांकि इस निर्णय के बाद दतिया में पैदा हुए असंतोष ने उपचुनाव से पहले पार्टी की चुनौती बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के बाद नरोत्तम मिश्रा का अगला कदम क्या होगा और भाजपा इस नाराजगी को कैसे संभालती है।

