नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में नर्मदा नदी के तट स्थित करबला घाट पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद खड़ा हो गया। नगर पालिका द्वारा कार्रवाई किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर प्रशासन को सूचना मिली थी कि करबला घाट पर नदी किनारे अवैध रूप से पत्थर का एक चबूतरा बनाया गया है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नगर पालिका की अतिक्रमण रोधी टीम मौके पर पहुंची और निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।
कार्रवाई की सूचना फैलते ही स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि कार्रवाई के दौरान वहां रखी एक चादर भी क्षतिग्रस्त हुई या जला दी गई।
वहीं नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वैभव देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। उनका कहना था कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार नदी के कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार का नया या अवैध निर्माण नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर पालिका के किसी कर्मचारी द्वारा चादर जलाने जैसी कोई घटना नहीं हुई।
बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और मामला शांत कराया गया।

