अस्पतालों में आग की घटनाओं पर कांग्रेस आक्रामक, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश के अस्पतालों में लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं को लेकर अब सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है और सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का तत्काल फायर ऑडिट कराने की मांग की है।

उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अस्पताल मरीजों को इलाज और सुरक्षित जीवन की उम्मीद देते हैं, लेकिन अगर अस्पतालों में ही आग जैसी घटनाएं होने लगें तो मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने छिंदवाड़ा और भोपाल में हाल ही में सामने आई अस्पतालों में आग की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

छिंदवाड़ा के NICU यानी नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में आग लगने की घटना में एक नवजात की मौत होने की बात सामने आई, जबकि दो अन्य लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। इस घटना ने अस्पतालों में नवजात बच्चों की सुरक्षा और फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं राजधानी भोपाल के एक अस्पताल में भी आग लगने की घटना सामने आई, जिसके बाद अस्पतालों में आग से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उमंग सिंघार का कहना है कि जब अस्पतालों में ही मरीज और मासूम सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अस्पतालों में बार-बार आग जैसी घटनाएं सामने आने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम कब उठाए जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का तत्काल फायर ऑडिट कराया जाए।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी जरूरी इंतजामों की कड़ाई से जांच होनी चाहिए और जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी मिले, वहां तत्काल सुधार की कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने मरीजों, नवजात बच्चों, उनके परिजनों और अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

अब देखना होगा कि अस्पतालों में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है और क्या प्रदेशभर के अस्पतालों में व्यापक फायर ऑडिट कराया जाता है।

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