इंदौर। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम और उससे जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया है, अब कांग्रेस इन मुद्दों को प्रदेश के हर जिले तक लेकर जाएगी।
जीतू पटवारी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ का कार्यक्रम खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश के हर जिले में छात्रों की आवाज उठाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पटवारी के मुताबिक, कांग्रेस का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है।
पटवारी ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन को लेकर गंभीर पहल की जरूरत बताई और कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलना जरूरी है।
बीजेपी नेताओं की ओर से राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर दिए गए बयानों पर भी पटवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सत्ताधारी दल को सकारात्मक सोच के साथ मुद्दों पर बात करने की सलाह दी। पटवारी ने कहा कि सरकार के कार्यकाल के करीब दो साल यानी लगभग 800 दिन अभी बाकी हैं और उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि 2028 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
जीतू पटवारी ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए इंदौर की जनता, मीडिया, सिख समाज, आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन का भी साधुवाद किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्तर पर मिले सहयोग के कारण कार्यक्रम आयोजित हो सका।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनावी नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि यह लड़ाई बच्चों और अभिभावकों से जुड़े मुद्दों की है। उन्होंने कहा कि चेहरों को देखने के बजाय मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
पटवारी ने सरकारी विभागों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर की परंपरा नहीं रही है कि विपक्ष का नेता शहर में आए और उसके कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा पहुंचाई जाए। उन्होंने मंच से कांग्रेस पदाधिकारी की ओर से उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
रोजगार के मुद्दे पर जीतू पटवारी ने चीन का उदाहरण देते हुए सरकार से रोजगार के आंकड़ों को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि ‘छात्रों की गूंज’ को इंदौर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे प्रदेश के हर जिले तक ले जाने की तैयारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के मुद्दों को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत और तेज होने के आसार हैं।

