इंदौर। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कार्यक्रम को ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘झूठ की गूंज’ करार दिया।
इंदौर विधानसभा क्षेत्र में करीब सात करोड़ रुपये के विकास कार्यों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी जिस तरह ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रम कर रहे हैं, उसमें उन्हें वामपंथी और ‘अर्बन नक्सल’ विचारधारा जैसी गतिविधियां नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि वे देश को जोड़ने वाले लोग हैं, देश तोड़ने वाले नहीं।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं, इसलिए इस तरह की कोशिशें यहां सफल नहीं हो सकतीं। उन्होंने श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियां भारत में पैदा करने की कोशिश सफल नहीं होगी।
मंत्री ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कई राजनीतिक उदाहरण भी गिनाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में जहां ‘छात्रों की गूंज’ हुई, वहां कांग्रेस साफ हो गई। कोटा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी कार्यक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी की नगर निगम में सरकार बनी।
उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में छात्रों के रजिस्ट्रेशन और समर्थन का दावा किया गया था, लेकिन छात्र संघ चुनाव में NSUI का प्रदर्शन खराब रहा और ABVP को जीत मिली।
कैलाश विजयवर्गीय ने इसी आधार पर कहा कि यह ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘झूठ की गूंज’ है और कांग्रेस को दिल्ली के नतीजे से सबक लेना चाहिए।
‘अंधभक्त’ शब्द को लेकर भी विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंधभक्त जैसी नकारात्मक बातों के बजाय देशभक्त होना जरूरी है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में कथित तौर पर एक कलाकार द्वारा की गई मिमिक्री और माता के अपमान से जुड़े विवाद पर भी विजयवर्गीय ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मां का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने कार्यक्रम में रैपर और लाफ्टर शो से जुड़े कलाकारों को बुलाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि लोगों को जुटाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किए जा रहे हैं और इससे सकारात्मक संदेश के बजाय नकारात्मक माहौल बन रहा है।
कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कार्यक्रम की आलोचना की। वहीं, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी देखना होगा।
फिलहाल राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद इंदौर की सियासत में बयानबाजी लगातार तेज हो गई है और भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

