ग्वालियर/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। गांव-गांव और कस्बों में चुनाव प्रचार तेज हो चुका है। इसी बीच कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार दतिया में कांग्रेस के पक्ष में सिर्फ हवा नहीं, बल्कि जीत की सुनामी चल रही है।
जनसंपर्क के दौरान घनश्याम सिंह ने कहा कि दतिया की जनता इस बार प्रत्याशी के साथ-साथ पार्टी की नीतियों को भी ध्यान में रखकर मतदान करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी, बढ़ते बिजली बिल, किसानों को खाद की समस्या और पेपर लीक जैसे मुद्दों से आम जनता परेशान है। उनके मुताबिक, भाजपा के भीतर की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है और इसका फायदा कांग्रेस को मिलने वाला है।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पर निशाना साधते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि उन्हें क्षेत्र की जनता अच्छी तरह नहीं जानती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा चुनाव मैदान में होते, तो मुकाबला अलग हो सकता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस 25 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी।
अपने ऊपर लगने वाले ‘राजा-कुंवर’ जैसे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राजपरिवार में जन्म लेना उनके हाथ में नहीं था, लेकिन उन्होंने हमेशा एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन जिया है। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें उनकी सादगी और व्यवहार के कारण पसंद करती है।
घनश्याम सिंह ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण यानी एसआईआर प्रक्रिया का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और फर्जी या डबल वोटिंग जैसी शिकायतों पर रोक लगेगी। उनके अनुसार, इससे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को चुनाव जीतने के बाद कानूनी मामलों में उलझाए रखने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस बार दतिया की जनता कांग्रेस के साथ खड़ी है और उपचुनाव में ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए तैयार है।
अब दतिया की सियासत में बयानबाजी का दौर तेज हो चुका है और सभी की नजरें 30 जुलाई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।

