ग्वालियर। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस नेता अवधेश नायक का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि वे जन्म से ही नायक हैं, खलनायक नहीं, और इस उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए पूरी ताकत के साथ काम कर रहे हैं।
अवधेश नायक ने कहा कि दतिया की जनता ने 2018 से ही भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपना मन बना लिया था और इसका असर 2023 के विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि इस बार कांग्रेस पहले से भी बड़े अंतर से जीत दर्ज करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2023 में उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया होता, तो चुनावी समीकरण कुछ और हो सकते थे।
टिकट नहीं मिलने के सवाल पर अवधेश नायक ने कहा कि नाराजगी स्वाभाविक थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह वे चुनाव की तैयारी कर रहे थे, उसी तरह भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मेहनत कर रहे थे। ऐसे में टिकट नहीं मिलने पर समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच असंतोष होना कोई बड़ी बात नहीं है।
अवधेश नायक ने दावा किया कि भाजपा में उनके दशकों पुराने संबंध आज भी कायम हैं और कई ऐसे लोग हैं जो खुलकर नहीं, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव पर भी अवधेश नायक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दतिया का मुकाबला त्रिकोणीय नहीं है और जनता सब कुछ समझ रही है। उनका दावा है कि उपचुनाव में कांग्रेस को भारी बढ़त मिलेगी और जीत का अंतर 25 हजार वोटों से अधिक हो सकता है।
वहीं, भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के भीतर ही मतभेद हैं और पार्टी एकजुट नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और दतिया सीट पर जीत दर्ज करेगी।
दतिया उपचुनाव में बयानबाजी और दावों का दौर लगातार जारी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा करती है और 3 अगस्त को आने वाले नतीजे किसके पक्ष में जाते हैं।

