इंदौर। इंदौर में मास्टर प्लान की प्रस्तावित सड़क को लेकर पिछले छह महीने से चला आ रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। एडवांस एकेडमी से लेकर बीसीएम हाइट्स तक प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब यह सड़क 100 फीट के बजाय 80 फीट चौड़ी बनाई जाएगी। सड़क की चौड़ाई कम करने के फैसले से निपानिया और पिपलिया कुमार क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों, मकान मालिकों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से सड़क की जद में आने वाले लोगों को अपने घर और दुकान टूटने की चिंता सता रही थी। अब फैसले के बाद प्रभावित नागरिकों और मास्टर प्लान रोड संघर्ष समिति ने जल संसाधन मंत्री और क्षेत्रीय विधायक तुलसीराम सिलावट का स्वागत कर आभार जताया है।
छह महीने से सड़क बनी थी सबसे बड़ी चिंता
मास्टर प्लान के तहत एकादशी से निपानिया और पिपलिया कुमार क्षेत्र तक 100 फीट चौड़ी सड़क प्रस्तावित थी। लेकिन सड़क की निर्धारित चौड़ाई के कारण बड़ी संख्या में पक्के मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसकी जद में आ रहे थे। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने चिंता थी कि अगर सड़क प्रस्तावित चौड़ाई के मुताबिक बनी तो उनके वर्षों पुराने मकान और कारोबार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कई परिवारों के सामने घर और रोजगार दोनों पर संकट खड़ा होने की आशंका थी। इसी वजह से पिछले छह महीने से रहवासी और कारोबारी लगातार अपनी मांग उठा रहे थे कि क्षेत्र का विकास भी हो और बड़ी संख्या में परिवारों को विस्थापन का सामना भी न करना पड़े।
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने संभाला मोर्चा
मामले में क्षेत्रीय विधायक और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रभावित नागरिकों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की। मंत्री सिलावट के मुताबिक, सरकार और अधिकारियों के स्तर पर हुई बातचीत के बाद सड़क की चौड़ाई 100 फीट से घटाकर 80 फीट करने पर सहमति बनी।
उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से यह उनके सामने बड़ी चुनौती थी, क्योंकि प्रस्तावित सड़क की वजह से सैकड़ों मकान और दुकानें प्रभावित हो रही थीं। जनता की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और प्रमुख सचिव के साथ चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
विकास भी होगा और घर-दुकान भी बचेंगे
80 फीट चौड़ी सड़क बनाने के फैसले से क्षेत्र के लोगों को दोहरी राहत मिलने की उम्मीद है। एक तरफ मास्टर प्लान के तहत सड़क का विकास होगा, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वहीं दूसरी तरफ चौड़ाई कम होने से बड़ी संख्या में मकान और दुकानें प्रभावित होने से बच सकती हैं।
यही वजह है कि फैसले की जानकारी सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्र में खुशी का माहौल देखने को मिला है। लंबे समय से अपने घर और कारोबार को लेकर चिंतित लोगों ने अब राहत की सांस ली है।
संघर्ष समिति ने किया मंत्री सिलावट का अभिनंदन
फैसले के बाद मास्टर प्लान रोड संघर्ष समिति और प्रभावित नागरिकों ने मंत्री तुलसीराम सिलावट का स्वागत और अभिनंदन किया। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं, तिलक लगाया और मिठाई बांटकर खुशी जताई।
रहवासियों का कहना है कि पिछले छह महीने से सड़क की चौड़ाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। परिवारों को चिंता थी कि सड़क निर्माण के लिए जमीन जाने के बाद उनके घर और कारोबार का क्या होगा। अब 80 फीट चौड़ी सड़क पर सहमति बनने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
“विधायक या मंत्री नहीं, सेवक बनकर खड़ा हूं”
अभिनंदन समारोह के दौरान मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे सिर्फ विधायक या मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि सेवक के रूप में निभाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति और क्षेत्र के रहवासी इस फैसले से संतुष्ट हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी सड़क निर्माण में किसी तरह की अड़चन आती है तो वे क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
अब सड़क की चौड़ाई को लेकर फैसला होने के बाद अगला फोकस निर्माण प्रक्रिया पर रहेगा। प्रशासन और संबंधित विभागों को नए निर्णय के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
फिलहाल छह महीने से चला आ रहा विवाद खत्म होने के बाद सैकड़ों प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा संदेश यही है कि शहर के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के साथ प्रभावित लोगों के हितों को भी संतुलित करने की कोशिश की गई है। 100 फीट के बजाय 80 फीट चौड़ी सड़क बनाने पर बनी सहमति ने विकास की राह के साथ-साथ लोगों के घर और कारोबार बचने की उम्मीद भी मजबूत कर दी है।

