भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े 1266 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की भोपाल जोनल यूनिट ने मेसर्स एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटर श्रीकांत भासी से जुड़ी दो इन्वेस्टमेंट लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इन दोनों पॉलिसियों की कुल सरेंडर वैल्यू करीब 3 करोड़ 66 लाख रुपये बताई गई है।
ईडी ने यह जांच सीबीआई की उस एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेसर्स एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों ने कथित फर्जी मर्चेंटिंग ट्रेड ट्रांजैक्शन के जरिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को लगभग 1266 करोड़ 63 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि कंपनी और उसके प्रमोटरों ने कथित तौर पर फर्जी ट्रेड ट्रांजैक्शन, सर्कुलर ट्रेडिंग, व्यापारिक दस्तावेजों में हेरफेर और बैंक से मिले फंड को देश और विदेश की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट कर बैंकिंग सुविधाओं का गलत तरीके से लाभ लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित अपराध से जुड़ी रकम को कई कंपनियों के माध्यम से भारत और विदेश में अलग-अलग चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।
जांच के दौरान ईडी को श्रीकांत भासी के नाम पर ज्यूरिख इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड में दो इन्वेस्टमेंट लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों की जानकारी मिली। एजेंसी का दावा है कि ये पॉलिसियां कथित अपराध की अवधि के दौरान खरीदी गई थीं और इनमें विदेशी खातों तथा उनसे जुड़ी कंपनियों के जरिए धन लगाया गया था।
ईडी के मुताबिक, अप्रैल 2026 में श्रीकांत भासी ने इन दोनों पॉलिसियों को सरेंडर कर उनकी राशि भारत स्थित अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। एजेंसी का कहना है कि रकम के इस्तेमाल या ट्रांसफर की आशंका को देखते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत इन दोनों पॉलिसियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया गया।
ईडी ने यह भी बताया कि इससे पहले इसी मामले में दुबई में करीब 51 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य की 9 अचल संपत्तियां और भारत में लगभग 111 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं। फिलहाल एजेंसी इस पूरे मामले की जांच आगे भी जारी रखे हुए है और आने वाले समय में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।

