लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma का बड़ा बयान सामने आया है। ऊर्जा मंत्री ने साफ कहा है कि यूपी में ‘बत्ती गुल’, ‘बिजली संकट’ और ‘बिजली व्यवस्था ध्वस्त’ जैसी छवि बनाना या बनवाना राज्य और उसके विद्युत कर्मियों का अपमान है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की कोशिश बताया है।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बावजूद बिजली व्यवस्था को लगातार संभाला जा रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में रात के समय बिजली की पीक डिमांड 30 हजार 395 मेगावॉट तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखा गया।
ऊर्जा मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले जब सिर्फ कुछ गांवों तक बिजली पहुंचती थी तब किसी को कोई परेशानी नजर नहीं आती थी, लेकिन अब सरकार हर गांव और हर गली तक बिजली पहुंचाने का काम कर रही है।
अरविंद कुमार शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश में तय रोस्टर के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 18 से 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लगातार बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया था कि भीषण गर्मी के बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन जनता को अधिकतम बिजली उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया था कि 21 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे 29 हजार 493 मेगावॉट का लोड संभाला गया, जबकि उसी दिन अधिकतम मांग 30 हजार 276 मेगावॉट तक पहुंची थी।
ऊर्जा मंत्री के मुताबिक इस साल बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष जहां अधिकतम आपूर्ति करीब 28 हजार 300 मेगावॉट थी, वहीं इस बार 30 हजार मेगावॉट से ज्यादा की मांग को भी संभाला गया है।

