इंदौर। इंदौर में दूध उत्पादक किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को दूध उत्पादक किसान संगठन ग्रामीण का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दूध का भाव 70 रुपए प्रति लीटर और 12 रुपए प्रति फैट किए जाने की मांग रखी।
किसानों का कहना है कि पशुपालन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन उन्हें दूध का उचित दाम नहीं मिल रहा। जिले में दूध उत्पादक संघ की ओर से 65 से 66 रुपए प्रति लीटर का भाव तय किए जाने के बावजूद किसानों का दावा है कि कई व्यापारी गांवों में उनसे इससे भी कम कीमत पर दूध खरीद रहे हैं।
किसानों के मुताबिक व्यापारी उनसे करीब 58 से 62 रुपए प्रति लीटर में दूध खरीदते हैं और शहर में इसे ज्यादा कीमत पर बेचते हैं। उनका कहना है कि गांव से शहर तक दूध पहुंचाने में व्यापारियों को अच्छा मार्जिन मिल रहा है, लेकिन जिस किसान के भरोसे पूरा दूध उत्पादन खड़ा है, उसके हिस्से में लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने बताया कि पशुओं की कीमत अब करीब डेढ़ लाख से एक लाख 80 हजार रुपए तक पहुंच गई है। वहीं कपास्या खली लगभग 50 रुपए किलो, चारा, भूसा, मजदूरी और डीजल समेत पशुपालन से जुड़े तमाम खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में मौजूदा दूध की कीमत में पशुपालकों के लिए पर्याप्त मुनाफा बचना मुश्किल है।
किसानों का कहना है कि अगर दूध का उचित मूल्य नहीं मिला तो कई लोग मजबूरी में पशुपालन का कारोबार छोड़ सकते हैं। उनका आरोप है कि मेहनत और खर्च किसान कर रहा है, लेकिन दूध की बिक्री में फायदा किसी और को मिल रहा है।
दूध उत्पादक किसान संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों के लिए दूध का लाभकारी मूल्य तय किया जाए। इसके साथ ही दूध, पनीर, मावा और दूसरे दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यही है कि किसानों की लागत और उनकी मांग को देखते हुए क्या दूध के दाम 70 रुपए प्रति लीटर किए जाएंगे, या फिर पशुपालकों को मौजूदा कीमत पर ही गुजारा करना पड़ेगा?

