ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं में लापरवाही को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव और आयुक्त के दौरे के बाद चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए निलंबन और वेतन कटौती के आदेश जारी किए गए हैं।
दरअसल अमृत 2.0 सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर पिछले महीने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए थे और आगामी कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी गई थी। लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर काम में गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अधिकारियों की बेपरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
जानकारी के मुताबिक PHE के कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता पर प्रोजेक्ट में रुचि नहीं लेने और काम में लापरवाही बरतने के आरोप लगे। इसके बाद संभागायुक्त मनोज खत्री ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं नगर निगम आयुक्त को भी 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कार्रवाई के तहत नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगर परिषद बड़ौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर को पेयजल योजना की पाइपलाइन दुरुस्त नहीं कराने पर निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर परिषद भितरवार के उपयंत्री पीयूष गुप्ता पर भी पेयजल योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि जनता से जुड़े सीवरेज और पेयजल जैसे जरूरी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

