इंदौर। मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इंदौर से सामने आए दो मामलों ने एक बार फिर ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। एक ओर शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का सपना दिखाकर एक कारोबारी से 33 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई, तो दूसरी ओर पतंजलि योगपीठ में रजिस्ट्रेशन के नाम पर पिता-पुत्र को निशाना बनाया गया।
जानकारी के मुताबिक, इंदौर के एक कारोबारी को सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश करने का ऑफर दिया गया। जालसाजों ने दावा किया कि उन्हें निवेश पर 30 प्रतिशत तक अधिक मुनाफा मिलेगा। इसके बाद मई से जुलाई के बीच कारोबारी से अलग-अलग बैंक खातों में 33 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा करवा ली गई।
पीड़ित को तब ठगी का एहसास हुआ, जब उसने अपने मुनाफे की राशि वापस मांगनी शुरू की। आरोप है कि इसके बाद उसे संबंधित ग्रुप से बाहर कर दिया गया और जालसाजों ने अपने फोन भी बंद कर लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वहीं, दूसरा मामला भी कम चौंकाने वाला नहीं है। यहां पतंजलि योगपीठ में रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा देकर पिता-पुत्र से करीब 70 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। जालसाजों ने खुद को संस्थान से जुड़ा बताकर ऑनलाइन भुगतान करवाया और फिर संपर्क खत्म कर दिया।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों और रजिस्ट्रेशन ऑफर्स पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। किसी भी ऑनलाइन निवेश या भुगतान से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
इंदौर में सामने आए इन दोनों मामलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

