स्वाइन फ्लू पर स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन, सामान्य सर्दी-बुखार में लैब टेस्ट नहीं, मरीज तीन श्रेणियों में बांटे

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। बढ़ते मामलों की आशंका के बीच विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके मुताबिक हर सर्दी-बुखार वाले मरीज का लैब टेस्ट कराना जरूरी नहीं होगा। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर इलाज करेंगे और सिर्फ गंभीर मामलों में ही सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।

नई गाइडलाइन के तहत मरीजों को ए, बी और सी तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी में सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीज शामिल होंगे। ऐसे मरीजों का लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाएगा और सामान्य स्थिति में उनकी लैब जांच जरूरी नहीं होगी।

बी श्रेणी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को रखा गया है। इन मरीजों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इनमें संक्रमण गंभीर रूप लेने का खतरा ज्यादा हो सकता है।

वहीं सी श्रेणी में गंभीर मरीजों को रखा गया है। खासतौर पर सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपल की जांच एमजीएम की माइक्रोबायोलॉजी लैब में कराई जाएगी।

इंदौर के एमवाय अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों 1500 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में करीब 30 से 40 फीसदी तक ज्यादा भीड़ बताई जा रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को ओपीडी से जुड़ा डेटा पोर्टल पर लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक H1N1 का कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। हालांकि एहतियात के तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यानी फिलहाल हर सर्दी-बुखार को स्वाइन फ्लू मानकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी या कोई गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *