श्रावण के अंतिम सोमवार इंदौर में किन्नर समाज की भव्य शिवमय शोभायात्रा, महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी हुईं शामिल, विंटेज कार-बग्गियां और राधा-कृष्ण की झांकी बनी आकर्षण

 इंदौर। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर इंदौर में भक्ति, आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। नंदलालपुरा स्थित प्राचीन मठ से किन्नर समाज ने हर साल की परंपरा के अनुसार भव्य शिवमय शोभायात्रा निकाली। सजे-धजे किन्नर समाज के लोगों ने बैंड-बाजों की धुन पर नृत्य करते हुए पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा नंदलालपुरा मठ से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां, नृत्य प्रस्तुतियां, विंटेज कारें और सजी हुई बग्गियां शोभायात्रा का खास आकर्षण रहीं।

इस भव्य आयोजन में किन्नर समाज की प्रसिद्ध महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी भी विशेष रूप से शामिल हुईं। उनके साथ पंजाब और देश के दूसरे हिस्सों से आए महामंडलेश्वर और इंदौर के सभी गद्दीपति भी मौजूद रहे।

मीडिया से बातचीत में लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने बताया कि वे अपने गुरु सीमा पायल जी के धाम नंदलालपुरा पहुंची हैं। यहां हर साल कलश यात्रा, शोभायात्रा और भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के जरिए देश में सुख-शांति, समृद्धि और व्यापार में बरकत की कामना की गई है।

साथ ही इंदौर में अच्छी बारिश के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई। लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि बारिश होगी तभी किसान खेतों में अन्न उगा पाएंगे। उन्होंने समाज में आपसी समरसता और खुशहाली का संदेश देते हुए भेदभाव की राजनीति को खत्म करने की अपील भी की।

भव्य शोभायात्रा के समापन के बाद नंदलालपुरा में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए किन्नर समाज ने श्रावण मास के इस आयोजन को यादगार बना दिया।

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